जन्म तिथि से मूलांक और भाग्यांक कैसे निकाले
भारतीय अंक ज्योतिष में आपकी जन्म तिथि से दो अंक निकलते हैं। मूलांक (mool ank, रूट या साइकिक नंबर) महीने की उस तारीख़ से आता है जिस दिन आपका जन्म हुआ; भाग्यांक (डेस्टिनी नंबर) पूरी जन्म तिथि से आता है। यह फ्री मूलांक भाग्यांक कैलकुलेटर एक ही जन्म तिथि से दोनों अंक देता है — साथ में पूरी गणना, हर अंक का ग्रह, उस ग्रह का वार और हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों में छोटा-सा अर्थ।
“मूलांक कैसे निकालते हैं” या “भाग्यांक कैसे निकाले” — दोनों का जवाब नीचे उदाहरण के साथ है, और कैलकुलेटर हर कदम दिखाता है। यह ब्राउज़र में ही चलता है, कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करना पड़ता।
अंक ज्योतिष एक सांस्कृतिक परंपरा है, कोई माप नहीं। यह केवल परंपरा और मनोरंजन के लिए है, भविष्यवाणी या सलाह नहीं।
मूलांक भाग्यांक कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- अपनी जन्म तिथि डालें।
- मूलांक और भाग्यांक पढ़ें, और हर अंक के नीचे लिखी गणना की पंक्ति देखें।
- अंग्रेज़ी और हिंदी नोट्स मिलाकर देखें: ग्रह, मुख्य गुण (कीवर्ड), अंक-परिवार और वार।
- हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में सारांश रखने के लिए नतीजा कॉपी करें दबाएँ।
मूलांक भाग्यांक कैलकुलेटर की खूबियाँ
दोनों अंक एक साथ
एक ही तारीख़ से मूलांक और भाग्यांक, हर एक की गणना के साथ।
हिंदी और अंग्रेज़ी
ग्रहों के नाम, कीवर्ड, वार और अस्वीकरण (डिस्क्लेमर) दोनों भाषाओं में।
ग्रह और वार
हर अंक का ग्रह और उसका वार, साथ में राहु और केतु पर नोट, जिनका अपना कोई वार नहीं है।
अंक-परिवार
क्या दोनों अंक एक ही परिवार (1-5-7, 2-4-8, 3-6-9) में आते हैं।
प्राइवेट
सारी गणना आपके ब्राउज़र में होती है।
मूलांक और भाग्यांक कैसे निकाले जाते हैं
मूलांक महीने की जन्म-तारीख़ को एक अंक तक घटाकर निकलता है। 15 तारीख़ को जन्म: 1 + 5 = 6। 29 तारीख़ को जन्म: 2 + 9 = 11, और 1 + 1 = 2। पश्चिमी लाइफ पाथ की तरह यहाँ कोई मास्टर नंबर नहीं रखा जाता, इसलिए मूलांक हमेशा 1 से 9 के बीच होता है। भाग्यांक जन्म तिथि के हर अंक को जोड़कर एक अंक तक घटाने से निकलता है। 15-08-1995 के लिए: 1 + 5 + 0 + 8 + 1 + 9 + 9 + 5 = 38, फिर 3 + 8 = 11, फिर 1 + 1 = 2।
दिन, महीने और साल को पहले अलग-अलग घटाकर फिर जोड़ें, तब भी वही एक अंक आता है, क्योंकि अंक घटाना असल में 9 से भाग देने पर बचा शेष निकालने जैसा ही है। इसीलिए अलग-अलग भारतीय स्रोत गणना अलग तरह से दिखाते हुए भी भाग्यांक पर एकमत रहते हैं।
अंक और उनके ग्रह
हर अंक का ग्रह वही है जो भारत में आम तौर पर माना जाता है। राहु और केतु का अपना कोई वार नहीं होता; यह पेज उस शास्त्रीय कहावत को मानता है कि राहु शनि जैसा और केतु मंगल जैसा काम करता है, और बताता है कि कुछ सूचियों में अंतर है।
| अंक | ग्रह | हिंदी कीवर्ड |
|---|---|---|
| 1 | सूर्य · Sun | नेतृत्व, आत्मविश्वास |
| 2 | चंद्र · Moon | सहयोग, संवेदनशीलता |
| 3 | गुरु · Jupiter | रचनात्मकता, ज्ञान |
| 4 | राहु · Rahu | अनुशासन, परिश्रम |
| 5 | बुध · Mercury | तेज बुद्धि, संवाद |
| 6 | शुक्र · Venus | प्रेम, सुख-सुविधा |
| 7 | केतु · Ketu | चिंतन, अध्यात्म |
| 8 | शनि · Saturn | मेहनत, धैर्य |
| 9 | मंगल · Mars | साहस, ऊर्जा |
मूलांक और भाग्यांक में अंतर
कई किताबें कहती हैं कि मूलांक बताता है कि आप रोज़मर्रा में कैसे दिखते और बर्ताव करते हैं, और भाग्यांक आपके जीवन की राह बताता है। जब दोनों एक ही अंक हों, तो कहा जाता है कि उस अंक के गुण दोगुने हो जाते हैं। ये सूचियाँ हर लेखक के यहाँ अलग होती हैं, इसीलिए यह पेज छोटे-छोटे कीवर्ड तक ही सीमित रहता है। शुभ वार और तारीख़ों के लिए लकी नंबर कैलकुलेटर, पश्चिमी अंक ज्योतिष के बराबर अंक के लिए लाइफ पाथ नंबर कैलकुलेटर, और जन्म तिथि के अंकों की ग्रिड के लिए लो शू ग्रिड कैलकुलेटर देखें।
मूलांक भाग्यांक कैलकुलेटर: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जन्म तिथि से मूलांक कैसे निकालते हैं?
महीने की जन्म-तारीख़ को एक अंक तक घटाएँ: 28 तारीख़ से 2 + 8 = 10, फिर 1 + 0 = 1। ऊपर तारीख़ डालें, पेज मूलांक दिखा देगा। “moolank” या “mool ank” भी इसी को कहते हैं।
भाग्यांक क्या होता है और कैसे निकाले?
भाग्यांक जन्म तिथि के सभी अंकों का जोड़ है, जिसे एक अंक तक घटाया जाता है। ऊपर तारीख़ भरें, गणना और हिंदी में अर्थ दिख जाएगा।
क्या मूलांक 11 या 22 हो सकता है?
नहीं। भारतीय पद्धति में 11 घटकर 2 और 22 घटकर 4 हो जाता है, इसलिए मूलांक हमेशा 1 से 9 के बीच होता है।
मूलांक और भाग्यांक में कौन ज़्यादा ज़रूरी है?
किताबों में मत अलग-अलग हैं। कई मूलांक को रोज़ का स्वभाव और भाग्यांक को जीवन की राह मानती हैं; यह पेज दोनों को बिना किसी पक्ष के दिखाता है।
पेज हर अंक के साथ वार क्यों दिखाता है?
हर अंक का एक ग्रह है और हर ग्रह का एक वार। राहु (4) और केतु (7) का कोई वार नहीं, इसलिए एक बताई हुई परंपरा अपनाई गई है।
क्या यह वैज्ञानिक है?
नहीं। यह एक परंपरा है। इसे मज़े और सोच-विचार के लिए इस्तेमाल करें, फ़ैसलों के लिए नहीं।