पूरे साल की अमावस्या और पूर्णिमा की तारीख़ें
यह फ्री पेज 1900 से 2099 तक किसी भी साल की हर अमावस्या (नया चाँद) और पूर्णिमा (पूरा चाँद) दिखाता है — हर तिथि के शुरू और ख़त्म होने का पल, वह दिन जिस पर व्रत या पूजा रखी जाती है, और वह चंद्र महीना जिसकी यह तिथि है। यह आपके अपने शहर के लिए “पूर्णिमा कब की है” (purnima kab ki hai) और “अमावस्या कब है” (amavasya kab hai) का जवाब देता है: जगह चुनें, और तारीख़ें व समय उसी जगह के सूर्योदय और टाइम ज़ोन के हिसाब से निकलते हैं — भारत में, अमेरिका में या कहीं और।
सिख परिवार इन्हीं दिनों को मस्या और पूरनमाशी कहते हैं; सूची वह दिन भी दिखाती है जिसके सूर्योदय पर तिथि चल रही हो, क्योंकि पंजाबी जंतरियाँ इन्हें इसी तरह छापती हैं। सोमवती अमावस्या (सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या) और शनि अमावस्या (शनिवार को) अलग से लिखी होती हैं। महीने का कैलेंडर हर सूर्योदय की तिथि दिखाता है, और पूरी सूची CSV में डाउनलोड की जा सकती है या Google, Apple या Outlook कैलेंडर में जोड़ी जा सकती है।
सब कुछ ब्राउज़र में चलता है, कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करना पड़ता। सूची और कैलेंडर में नाम हिंदी में दिखते हैं; सबसे ऊपर की “Next …” वाली लाइन, किसी दिन का विवरण, समय वाली कुछ लाइनें और डाउनलोड की गई फ़ाइलें अंग्रेज़ी में रहती हैं।
अमावस्या और पूर्णिमा 2026 लिस्ट का इस्तेमाल कैसे करें
- साल डालें और अपना शहर चुनें, या निर्देशांक और टाइम ज़ोन लिखें, या मेरी लोकेशन लें दबाएँ।
- अगर सिर्फ़ एक की ज़रूरत है, तो दिखाएँ में पूर्णिमा या अमावस्या का टिक हटा दें।
- सूची पढ़ें: व्रत के दिन की तारीख़, तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय, और जहाँ अलग हो वहाँ वह दिन जिसके सूर्योदय पर तिथि चल रही हो।
- किसी भी दिन की तिथि देखने के लिए महीने का कैलेंडर इस्तेमाल करें; विवरण के लिए किसी दिन पर टैप करें।
- तारीख़ें सँभालकर रखने के लिए CSV डाउनलोड करें या कैलेंडर में जोड़ें (.ics) दबाएँ।
अमावस्या और पूर्णिमा 2026 लिस्ट की खूबियाँ
दोनों चाँद एक सूची में
साल की सभी बारह या तेरह पूर्णिमा और अमावस्या, हर एक के चंद्र महीने के साथ।
शुरू और समाप्ति समय
आपके टाइम ज़ोन के लिए तिथि के शुरू और ख़त्म होने का सटीक पल, मिनट तक।
व्रत का दिन और सूर्योदय वाला दिन
व्रत के लिए माना जाने वाला दिन (दोपहर का नियम) और, अगर अलग हो, तो वह दिन जिसके सूर्योदय पर तिथि रहती है।
मस्या और पूरनमाशी
पंजाबी जंतरियों वाले सूर्योदय के दिन, और गुरपुरब के लिए नानकशाही कैलेंडर का लिंक।
एक्सपोर्ट
स्प्रेडशीट के लिए CSV और फ़ोन के कैलेंडर के लिए .ics फ़ाइल।
तारीख़ें कैसे तय होती हैं
तिथि चंद्रमा की सूर्य से दूरी में 12° का एक कदम है। पूर्णिमा पंद्रहवीं तिथि है, जब चंद्रमा सूर्य से 168° से 180° के बीच होता है, और अमावस्या तीसवीं, 348° से 360° तक; हर तिथि लगभग एक दिन चलती है, पर किसी भी घंटे शुरू हो सकती है। हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए कोई तिथि सूर्योदय के समय एक तारीख़ को छू सकती है, दो को, या — कभी-कभार — किसी को भी नहीं।
पूर्णिमा व्रत और दर्श अमावस्या के लिए Drik Panchang जैसे पंचांग वह पहला दिन लेते हैं जिसके मध्याह्न में, यानी दिन के बीच वाले पाँचवें हिस्से में, तिथि चल रही हो। इसी वजह से पूर्णिमा का व्रत कभी-कभी उस “पूर्णिमा के दिन” से एक दिन पहले पड़ता है जो दूसरी जगह छपा होता है: 2026 में चैत्र का पूर्णिमा व्रत 1 अप्रैल को है, जबकि सूर्योदय पर पूर्णिमा 2 अप्रैल को रहती है। पंजाब के गुरुद्वारे और कई परिवार पूरनमाशी और मस्या सूर्योदय वाले दिन मनाते हैं, इसलिए दोनों दिन दिखाए गए हैं। 2025, 2026 और 2027 के लिए हर व्रत का दिन और हर सूर्योदय वाला दिन नई दिल्ली के लिए Drik Panchang की प्रकाशित सूचियों से मेल खाता है (25 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया)।
| 2026 | पूर्णिमा (व्रत का दिन) | अमावस्या (दर्श) |
|---|---|---|
| जनवरी | 3 जनवरी | 18 जनवरी |
| अप्रैल | 1 अप्रैल (सूर्योदय वाला दिन 2 अप्रैल) | 17 अप्रैल |
| अगस्त | 27 अगस्त (सूर्योदय वाला दिन 28 अगस्त) | 12 अगस्त |
| अक्टूबर | 25 अक्टूबर (सूर्योदय वाला दिन 26 अक्टूबर) | 10 अक्टूबर |
| नवंबर | 24 नवंबर | 8 नवंबर (सूर्योदय वाला दिन 9 नवंबर) |
नाम, क्षेत्र और सीमाएँ
पूर्णिमा के नाम उस चंद्र महीने से हैं जो उस पूर्णिमा पर ख़त्म होता है (कार्तिक पूर्णिमा, आषाढ़ में गुरु पूर्णिमा)। अमावस्या के नाम यहाँ उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना से हैं, जिसमें कृष्ण पक्ष अगले महीने का माना जाता है; दक्षिण और पश्चिम भारत के अमांत कैलेंडर उसी अमावस्या को उस महीने के नाम से पुकारते हैं जिसे वह ख़त्म करती है — यह नाम विवरण वाली लाइन में भी दिया गया है। महालया, मौनी और शनि अमावस्या इन्हीं दिनों के दूसरे नाम हैं।
शहरों के बीच तारीख़ एक दिन खिसक सकती है, क्योंकि सूर्योदय और टाइम ज़ोन से बदलता है कि तिथि किस दिन रहती है। मंदिर और परिवार के पंचांग किसी ख़ास पूजा के लिए दूसरे नियम मान सकते हैं, इसलिए अनुष्ठानों के लिए अपने पुरोहित की बात मानें। यह पेज परंपरा और मनोरंजन के लिए है, भविष्यवाणी या सलाह के लिए नहीं। एकादशी और पारण के लिए एकादशी की तिथियाँ देखें; सिख गुरपुरब, संगरांद, मस्या और पूरनमाशी के लिए नानकशाही कैलेंडर देखें।
अमावस्या और पूर्णिमा 2026 लिस्ट: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगली अमावस्या या पूर्णिमा कब है?
मौजूदा साल चुना हो तो सबसे ऊपर की लाइन आपके शहर के लिए अगली अमावस्या या पूर्णिमा का नाम बताती है और बचे हुए दिन गिनती है।
पूर्णिमा कब की है — दो तारीख़ें क्यों दिखती हैं?
जब पूर्णिमा दोपहर बाद शुरू होती है, तो व्रत उसी दिन रखा जाता है (दोपहर का नियम), जबकि अगले सूर्योदय पर भी पूर्णिमा चल रही होती है। सूची में दोनों दिन दिए गए हैं।
2026 में कितनी अमावस्या हैं?
नई दिल्ली में बारह। 2026 में तेरह पूर्णिमा व्रत भी हैं, क्योंकि साल 3 जनवरी की पौष पूर्णिमा से शुरू होता है और 23 दिसंबर की मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर ख़त्म होता है।
मस्या और पूरनमाशी क्या हैं?
अमावस्या और पूर्णिमा के पंजाबी नाम। गुरुद्वारे और जंतरी की तारीख़ें वह दिन मानती हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि चल रही हो; जहाँ यह दिन अलग है, वहाँ सूची में दिखाया गया है।
क्या अमेरिका में तारीख़ें वही हैं?
हमेशा नहीं — अपना अमेरिकी शहर चुनें, क्योंकि टाइम ज़ोन और सूर्योदय तिथि को दूसरी तारीख़ पर ले जा सकते हैं।
क्या यह ज्योतिषीय सलाह है?
नहीं। ये परंपरा और मनोरंजन के लिए कैलेंडर की तारीख़ें हैं, भविष्यवाणी या सलाह नहीं।