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कुंडली मिलान – अष्टकूट गुण मिलान (Kundli Matching)

दोनों के चंद्र राशि और नक्षत्र से 36 में से गुण मिलान — जन्म विवरण, नाम या नक्षत्र से।

साथी A (परंपरा में वर)

born 1990-05-14 08:30 Asia/Kolkata (UTC+5:30), Mumbai, India → Moon in Sagittarius (धनु), Purva Ashadha pada 1

साथी B (परंपरा में कन्या)

born 1992-11-05 21:15 Asia/Kolkata (UTC+5:30), New Delhi, India → Moon in Aquarius (कुम्भ), Purva Bhadrapada pada 2

गुण मिलान स्कोर29.5 / 36commonly described as good (25–32) · thresholds vary by tradition
कूटसाथी Aसाथी Bअंकअर्थ

गुण मिलान एक परंपरा है — यह दो लोगों का माप नहीं है और न ही यह बताता है कि विवाह कैसा चलेगा। यह पेज परंपरा और मनोरंजन के लिए है, भविष्यवाणी या सलाह के लिए नहीं; यह कोई फ़ैसला नहीं देता और कोई उपाय नहीं सुझाता। सारी गणना आपके ब्राउज़र में होती है; कुछ भी अपलोड नहीं होता।

यह टूल पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है। आप जो कुछ भी लिखते या अपलोड करते हैं, वह किसी सर्वर पर नहीं भेजा जाता।

जन्म विवरण, नाम या नक्षत्र से कुंडली मिलान

यह फ्री कुंडली मिलान कैलकुलेटर पारंपरिक अष्टकूट गुण मिलान निकालता है — आठ कूट, कुल 36 गुण — दोनों साथियों के चंद्रमा की राशि और नक्षत्र से। हर साथी की जन्म तिथि, समय और स्थान डालें, तो चंद्रमा की स्थिति असली आकाश से लाहिरी अयनांश के साथ निकाली जाती है; या नाम लिखें, तो उसका पहला अक्षर उसी तरह नक्षत्र के पद (चरण) से जोड़ा जाता है जैसे घर के पंचांग में होता है; या सीधे वह नक्षत्र और पद चुन लें जो आपको पहले से पता है। हर कूट के साथ दोनों साथियों की श्रेणी, मिले अंक और एक पंक्ति में उसका अर्थ दिखता है। नाड़ी और भकूट दोष पर टिप्पणी मिलती है, और जन्म विवरण देने पर मंगल दोष का आम नियम भी जाँचा जाता है।

बहुत से लोग “कुंडली मिलान by name” या “kundli milan in hindi naam se” खोजते हैं, यानी जब जन्म का समय पता न हो। इसके लिए नाम वाला विकल्प है — वह भी ब्राउज़र में ही चलता है, कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करना पड़ता।

गुण मिलान एक सांस्कृतिक परंपरा है जिसे परिवार पसंद करते हैं और देखते हैं; यह दो लोगों का माप या किसी विवाह का भविष्य नहीं है। यह पेज परंपरा और मनोरंजन के लिए है, भविष्यवाणी या सलाह के लिए नहीं: यह कोई फ़ैसला नहीं सुनाता और कोई उपाय नहीं बेचता। 18 अंकों की “पास होने की सीमा” और उसके ऊपर की श्रेणियाँ परंपराएँ हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों और ज्योतिषियों में अलग होती हैं, इसलिए नतीजे में इन्हें फ़ैसले की तरह नहीं, परंपरा की तरह बताया गया है।

कुंडली मिलान का इस्तेमाल कैसे करें

  1. हर साथी के लिए जन्म विवरण, नाम या नक्षत्र चुनें। साथी A वह स्थान है जिसे परंपरा में वर (लड़का) माना जाता है और साथी B कन्या (लड़की)। दो कूट (वर्ण और गण) एक तरफ़ा हैं, इसलिए दोनों की जगह बदलने से एक-आध अंक बदल सकता है।
  2. जन्म विवरण वाले विकल्प में जन्म तिथि, समय और जन्म स्थान डालें (या अक्षांश, देशांतर और टाइम ज़ोन)। पैनल के नीचे की पंक्ति में मिली हुई चंद्र राशि, नक्षत्र और पद दिखते हैं।
  3. नाम से मिलान के लिए नाम लिखें — हिंदी या अंग्रेज़ी अक्षरों में, जैसे राहुल या Priya; देवनागरी नाम सीधे देवनागरी नामाक्षर तालिका से मिलाया जाता है। संकेत में दिखता है कि कौन-सा अक्षर लिया गया और वह किस नक्षत्र पद से जुड़ता है। अगर नाम किसी असामान्य ध्वनि से शुरू होता है, तो सीधे नक्षत्र चुनें।
  4. 36 में से कुल अंक पढ़ें, फिर तालिका में हर कूट के अंक और नीचे दोष की टिप्पणियाँ देखें।
  5. पूरा ब्योरा भेजने के लिए नतीजा कॉपी करें दबाएँ।

कुंडली मिलान की खूबियाँ

तीन तरीक़े

असली ग्रह-गणना (एफ़िमेरिस) से निकाले गए जन्म विवरण, अवकहड़ा चक्र की पहले अक्षर वाली नाम तालिका, या सीधे नक्षत्र और पद — हर साथी के लिए अलग तरीक़ा चुन सकते हैं।

आठों कूट समझाए गए

वर्ण 1, वश्य 2, तारा 3, योनि 4, ग्रह मैत्री 5, गण 6, भकूट 7 और नाड़ी 8 — हर एक के साथ दोनों साथियों की श्रेणी, अंक और वह नियम जिससे अंक मिले।

शास्त्रीय अपवादों के साथ दोष की टिप्पणी

नाड़ी और भकूट दोष तटस्थ भाषा में बताए जाते हैं, साथ में वे अपवाद भी जो कई ज्योतिषी मानते हैं (एक ही राशि, एक ही नक्षत्र पर अलग पद, मित्र या एक ही राशि-स्वामी)।

मंगल दोष जाँच

किसी साथी का जन्म विवरण होने पर लग्न से और चंद्रमा से मंगल का भाव आम 1-2-4-7-8-12 नियम पर जाँचा जाता है, और स्वराशि या उच्च राशि वाला आम परिहार (रद्द होना) भी बताया जाता है।

सटीक चंद्र स्थिति

कुंडली जनरेटर वाला ही इंजन: मीयस (Meeus) का चंद्र सिद्धांत, ΔT, न्यूटेशन और लाहिरी अयनांश; जब चंद्रमा किसी राशि या नक्षत्र की सीमा से 0.2° के अंदर हो तो चेतावनी दिखती है।

36 गुण कैसे गिने जाते हैं

हर कूट सिर्फ़ दोनों के चंद्रमा को देखता है — वह राशि या नक्षत्र जिसमें चंद्रमा है। तालिका में यहाँ इस्तेमाल हुआ नियम दिया है। अलग-अलग पंचांगों में वश्य, योनि और गण की कुछ खानों में अंतर होता है; इस्तेमाल हुई तालिकाओं के नाम नतीजे के नीचे लिखे हैं, और एक स्वचालित टेस्ट कुछ हल किए गए जोड़ों पर इसे जाँचता है।

कूटअधिकतमआधारइस्तेमाल हुआ नियम
वर्ण (Varna)1चंद्र राशिब्राह्मण > क्षत्रिय > वैश्य > शूद्र; A का वर्ण बराबर या ऊँचा हो तो 1
वश्य (Vashya)2चंद्र राशिचतुष्पद, मानव, जलचर, वनचर, कीट; onlinejyotish.com की कन्या-से-वर वाली तालिका (अक्टूबर 2026 में जाँची गई)
तारा (Tara)3नक्षत्रदोनों तरफ़ से गिनें, 9 से भाग दें; शेष 3, 5, 7 पर 0, बाकी पर हर तरफ़ 1.5
योनि (Yoni)4नक्षत्रएक ही पशु 4; सात शत्रु जोड़े 0; बाकी 1–3 आम 14×14 तालिका से
ग्रह मैत्री (Graha Maitri)5राशि-स्वामीदोनों चंद्र राशियों के स्वामियों की नैसर्गिक मित्रता: 5, 4, 3, 1, ½ या 0
गण (Gana)6नक्षत्रदेव, मनुष्य, राक्षस; एक ही गण 6, देव–मनुष्य 6/5, देव–राक्षस 1, मनुष्य–राक्षस 0
भकूट (Bhakoot)7चंद्र राशिराशियों की दूरी 2/12, 5/9, 6/8 पर 0; बाकी सब पर 7
नाड़ी (Nadi)8नक्षत्रआदि, मध्य, अंत्य; अलग हो तो 8, एक ही हो तो 0

नाम से कुंडली मिलान: क्या हो सकता है और क्या नहीं

पारंपरिक नामकरण में बच्चे का नाम उस अक्षर से रखा जाता है जो जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र पद का होता है (जैसे अश्विनी के लिए चू, चे, चो, ला)। नाम से मिलान इस तालिका को उलटा पढ़ता है, इसलिए यह उतना ही सही है जितना यह मान लेना कि नाम इसी तरह रखा गया था — ज़्यादातर आधुनिक नाम ऐसे नहीं रखे जाते। रोमन वर्तनी में दंत्य और मूर्धन्य ध्वनियाँ (त/ट, न/ण) भी आपस में मिल जाती हैं, इसलिए जब एक वर्तनी दो पदों पर बैठती है तो संकेत दूसरा पद भी बताता है; नाम देवनागरी में लिखें तो यह उलझन नहीं रहती। नाम से मिले स्कोर को हल्का-फुल्का अनुमान मानें; जन्म का समय पता हो तो उसी का इस्तेमाल करें, और हर साथी की पूरी कुंडली कुंडली जनरेटर से बनाएँ। पश्चिमी (ट्रॉपिकल) चार्ट की तुलना के लिए birth chart calculator देखें; सिर्फ़ मज़े के स्कोर के लिए love calculator आज़माएँ।

कुंडली मिलान: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शादी के लिए कितने गुण मिलने चाहिए?

ज़्यादातर स्रोत 36 में से 18 को न्यूनतम मानते हैं, 18–24 को स्वीकार्य, 25–32 को अच्छा और 33 या उससे ज़्यादा को उत्तम। लेकिन ये श्रेणियाँ परंपराएँ हैं और क्षेत्रों व ज्योतिषियों में अलग होती हैं; नाड़ी और भकूट को अक्सर कुल अंक से अलग तौला जाता है। यह टूल परंपरा बताता है, फ़ैसला नहीं।

क्या जन्म समय के बिना कुंडली मिलान हो सकता है?

हाँ, कुछ सीमाओं के साथ। चंद्रमा दिन में लगभग 13° चलता है, इसलिए सिर्फ़ तारीख़ से वह आम तौर पर एक नक्षत्र में होता है, पर दो नक्षत्रों के बीच भी पड़ सकता है। समय में दोपहर 12:00 डालना सबसे अच्छा अनुमान है, और सीमा वाली चेतावनी बताती है कि कब मामला क़रीबी है। नाम वाले तरीक़े में समय की बिल्कुल ज़रूरत नहीं।

नाम से गुण मिलान कैसे निकाले?

दोनों साथियों के लिए नाम चुनें और नाम हिंदी या अंग्रेज़ी अक्षरों में लिखें। पहला अक्षर नक्षत्र पद से जुड़ता है और उसी से 36 में से गुण गिने जाते हैं। ऊपर बताया गया है कि यह तरीक़ा कितना भरोसेमंद है।

नाड़ी दोष क्या है और क्या यह रद्द होता है?

नाड़ी दोष तब है जब दोनों का चंद्रमा एक ही नाड़ी (आदि, मध्य या अंत्य) में हो — 8 में से 0 अंक। शास्त्रीय अपवाद — एक ही राशि पर अलग नक्षत्र, या एक ही नक्षत्र पर अलग राशि या पद — लागू होने पर बताए जाते हैं; अंक 0 ही रखे जाते हैं ताकि आप दोनों नज़रिए देख सकें।

साथियों की जगह बदलने पर स्कोर क्यों बदलता है?

वर्ण और गण साथी A (परंपरा में वर) की तरफ़ से गिने जाते हैं, और वश्य एक दिशा वाली तालिका से, इसलिए जगह बदलने पर कुल अंक एक-दो अंक ऊपर-नीचे हो सकते हैं। तारा, योनि, ग्रह मैत्री, भकूट और नाड़ी दोनों तरफ़ बराबर हैं।

क्या मंगल दोष 36 गुणों में शामिल है?

नहीं। यह लग्न और चंद्रमा से मंगल के भाव की एक अलग पारंपरिक जाँच है, जो सिर्फ़ जन्म विवरण देने पर दिखती है। इसमें आम 1-2-4-7-8-12 नियम लगता है और स्वराशि या उच्च राशि वाला परिहार बताया जाता है। इसके अलावा भी कई परिहार माने जाते हैं।

क्या यह कुंडली मिलान फ्री और निजी है?

हाँ। न साइन-अप, न अपलोड; सब कुछ आपके ब्राउज़र में चलता है।

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